March 6, 2026
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अपने हालिया फैसले में उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा क़ानून, 2004 की संवैधानिक वैधता बरक़रार रखी है। साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला ख़ारिज कर दिया है। उत्तर प्रदेश में मदरसों (इस्लामिक शैक्षणिक संस्थानों) के कामकाज को विनियमित और नियंत्रित करने के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम 2004’ लागू किया गया था। इसने पूरे उत्तर प्रदेश में मदरसों की स्थापना, मान्यता, पाठ्यक्रम और प्रशासन के लिये एक ढाचा प्रदान किया। इस अधिनियम के तहत, राज्य में मदरसों की गतिविधियों की देखरेख और पर्यवेक्षण के लिये उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड की स्थापना की गई थी। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसला सुनाते हुए ‘कहा कि सरकार मदरसा शिक्षा को लेकर नियम बना सकती है। यह फैसला

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