सर्वशक्तिवान हजार भुजाओं वाला भगवान मेरा साथी है- ब्रह्माकुमारी पूनम दीदी
- ब्रह्माकुमारीज़ का आयोजन गुड बाय टेंशन अलविदा तनाव – चौथा दिन*
भिलाई,6 जून 2025,छ.ग:- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में चल रहे नौ दिवसीय निशुल्क ‘’गुड बाय टेंशन अलविदा तनाव शिविर” के चौथे दिन “आनन्द उत्सव” सत्र में इंदौर से आई तनावमुक्ति विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी पूनम दीदी ने परम शक्ति परमात्मा का वर्णन करते हुए कहा कि हरेक को जीवन में विपत्ति के समय सच्चा सहारा, सर्व संबंधो का प्यार, सुरक्षा का अनुभव चाहिए | यह सब हम आत्माओं को परमात्मा से जुड़ने पर ही मिलता है |

*बताया परमात्मा और मनुष्यात्माओं में अंतर*
जब परमात्मा के बारे में बहुत सी मतें हो जाती हैं तो वे स्वयं आकर अपना सत्य परिचय देते हैं | परमात्मा व अन्य मनुष्य आत्माओं की विभिन्न बिन्दुओं द्वारा तुलना कर स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि परमात्मा अजन्मा है ,जन्म मरण से न्यारा है हम मनुष्यात्माए जन्म-मरण के चक्र में आती है |
*परमात्मा भोलेनाथ के रूप में सर्व मनोकामनाएं पूर्ण करते है*
परमात्मा अवतरित होते हैं | उनका पांच तत्वों का शरीर नहीं हैं | वे सर्वशक्तिमान हैं | जगत नियंता परमात्मा सृष्टि का पालनहार है। वे परमशिक्षक, परम सद्गुरु हैं | वे ज्ञान के सागर हैं, परमात्मा को ही शांति दाता, शक्ति दाता कहा जाता है वे भोलेनाथ के रूप में सभी की मनोकामनाओं को पूर्ण करते है।

*सदाशिव ज्योति स्वरूप सदा सर्व k कल्याणकारी*
भारत में 12 ज्योतिर्लिंग मंदिर ज्योतिस्वरूप परमात्मा की ही यादगार हैं | जैसे आत्मा ज्योति प्रकाश स्वरूप पॉइंट ऑफ लाइट है ऐसे ही आत्मा के पिता परमात्मा भी प्रकाश स्वरूप है|
शिव माना सदा कल्याणकारी, सत्यम शिवम् सुन्दरम ।
*परमात्मा की शक्तियों का राजयोग मेडिटेशन द्वारा अनुभव*
वे हम सभी मनुष्य आत्माओं के पिता हैं, हम उनके बच्चे हैं तो उनकी सारी संपत्ति के हम वारिस यानि मालिक हो गये | जिन्हें प्राप्त करने हमे राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से उनसे सम्बन्ध जोड़ना होगा |
*सर्व शक्तिवान परमात्मा हजार भुजाओं के साथ मेरा साथी*
ब्रह्माकुमारी पूनम बहनजी ने अभ्यास कराते हुए आज का स्प्रीचुअल इंजेक्शन (मंत्र) “सर्वशक्तिवान हजार भुजाओं वाला भगवान मेरा साथी है, स्वयं भगवान मेरे मददगार हैं” और इसे विश्वास पूर्वक अनुभव करते हुए बार बार लिखकर अभ्यास करने के लिए होमवर्क दिया |
*जो आप सोचोगे वो होगा ही इसलिए अच्छा सोचे*
मेरे साथ सब कुछ अच्छा हो रहा है व अच्छा ही होगा तो जैसा आप सोचेंगे वैसा ही होने लगेगा | इसलिए श्रेष्ठ पॉजिटिव सोचे।
*पुष्प वर्षा और उमंग उत्साह के साथ सभी ने मनाया आनंद उत्सव*
सत्र के अंत में सभी बातों को रिवाइज करते पुष्प वर्षा के बीच सच्ची आत्मिक खुशी आनंद उत्सव मनाया गया| जिससे सभी को परमात्म आनंद का सुन्दर अनुभव प्राप्त हुआ |
यह शिविर सर्व के लिए बुधवार 11 जून तक शाम 7 बजे से तक निःशुल्क है।