विश्व मौसम संगठन (WMO) ने 829 किमी (515 मील) लंबी बिजली की चमक को नया विश्व रिकॉर्ड घोषित किया…
- बिजली की चमक ने 829 किमी का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया.
- यह मेगाफ्लैश 22 अक्टूबर 2017 को टेक्सास से कैन्सस सिटी तक चमकी.
- WMO ने चेताया, मेगाफ्लैश दूर-दराज के इलाकों में भी खतरा पैदा कर सकते हैं.
नई दिल्ली: आसमान में एक ऐसा नजारा दिखा, जिसे देखकर वैज्ञानिक भी सन्न रह गए. यह बिजली थी लेकिन वैसी नहीं, जैसी आप रोज देखते हैं. यह थी इतिहास की सबसे लंबी ‘मेगाफ्लैश’, जो 829 किलोमीटर तक फैली. यानी दिल्ली से भोपाल तक, और उससे भी आगे! यह रिकॉर्ड 22 अक्टूबर 2017 को अमेरिका के टेक्सस से लेकर कंसास सिटी तक फैली बिजली से बना. इसकी आधिकारिक घोषणा अब संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी WMO (World Meteorological Organization) ने की है.
829 KM तक चमकी बिजली, 3 देशों तक फैली आसमान फाड़ देने वाला नया वर्ल्ड रिकॉर्ड
कितना बड़ा था ये मेगाफ्लैश?
829 किलोमीटर यानी एक बिजली की लकीर जो 3 देशों के बराबर दूरी तय कर गई. इससे पहले का रिकॉर्ड था 768 किलोमीटर, जो 29 अप्रैल 2020 को अमेरिका के मिसिसिपी से टेक्सस तक फैला था. अब वो पिछड़ चुका है. दोनों रिकॉर्ड्स में ±8 किमी की गलती संभव है, लेकिन इससे इनकी भव्यता पर कोई असर नहीं पड़ता.
रूस में भूकंप.. क्या दिल्ली झेल सकती हैं 7+ मैग्नीट्यूड का भूकंप?
‘आसमान फाड़’ देने वाली बिजली
इस तूफान में कई बड़े-बड़े फ्लैश दर्ज हुए. वैज्ञानिकों ने इन्हीं का दोबारा एनालिसिस किया और पाया कि 2017 का एक मेगाफ्लैश, जिसे पहले नजरअंदाज कर दिया गया था, असल में नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाता है. WMO के विशेषज्ञ रैंडल सर्वेनी ने कहा, ‘बिजली कभी-कभी तूफान से बहुत दूर तक पहुंच सकती है. यही वजह है कि लोग अक्सर कहते हैं- ‘बोल्ट फ्रॉम द ब्लू’.’
ये केवल चौंकाने वाला नहीं, खतरनाक भी है
WMO ने चेताया है कि ऐसे मेगाफ्लैश दूर-दराज के इलाकों में भी खतरा पैदा कर सकते हैं. इसलिए दुनिया भर में सभी लोगों को 2027 तक एडवांस्ड वेदर वार्निंग सिस्टम से जोड़ने की योजना है. WMO प्रमुख सेलेस्ट साओलो ने कहा, ‘बिजली देखने में रोमांचक होती है, लेकिन ये हर साल दुनिया में कई जिंदगियां भी ले जाती है.’
अब तक के बिजली से जुड़े 3 और विश्व रिकॉर्ड
सबसे लंबा समय तक चली बिजली: 17.102 सेकंड, 18 जून 2020 को उरुग्वे और अर्जेंटीना के ऊपर.
सबसे ज्यादा मौतें (इनडायरेक्ट): 1994 में मिस्र के ड्रोंका शहर में बिजली गिरने से तेल टैंकों में आग लगी, जिससे 469 लोगों की जान गई.
एक स्ट्राइक में सबसे ज्यादा मौतें: 1975 में जिंबाब्वे में एक झोपड़ी पर बिजली गिरी, 21 लोगों की मौत.
सैटेलाइट से पकड़ में आया चमत्कार
बिजली की सैटेलाइट मैपिंग 2016 से शुरू हुई थी. यानी इतने बड़े पैमाने पर बिजली का डेटा अभी नया ही है. अमेरिका के Severe Storms Research Center के वैज्ञानिक माइकल पीटरसन कहते हैं, ‘जैसे-जैसे डेटा बढ़ेगा, हमें और भी अनोखी बिजली की घटनाएं देखने को मिलेंगी.’