March 7, 2026

दुर्ग भिलाई इकाई द्वारा यूथ हॉस्टल्स फाउंडेशन डे मनाया गया…

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भिलाई । यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया दुर्ग भिलाई इकाई द्वारा यूथ हॉस्टल्स फाउंडेशन डे का आयोजन किया गया । विदित हो कि 114 वर्ष पहले एक प्रख्यात जर्मन स्कूल शिक्षक रिचर्ड शिरमेन ने यूथ हॉस्टल्स की स्थापना किया था । उन्होंने 1912 में जर्मनी के अल्टेनिया में पहला यूथ हॉस्टल स्थापित किया था । फैमिली गेट टू गेदर सह स्थापना दिवस के इस आयोजन में यूथ हॉस्टल्स के लगभग चालीस सदस्यों की उपस्थिति रही ।

 

यूथ हॉस्टल्स के उद्भव और विकास के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए भिलाई इकाई चेयरमेन के. सुब्रमण्यम ने बताया कि यूथ हॉस्टल्स मिशन ने 1947 में देश विभाजन से पहले ही भारत में अपनी जगह बना ली थी । यह विचार 1940 के दशक के प्रारंभ में स्काउट्स गाइड्स ऑफ इंडिया पंजाब प्रान्त द्वारा प्रस्तुत किया गया था । जिसके बाद पहला यूथ हॉस्टल्स औपचारिक रूप से 9 जून 1945 को शिमला के निकट तारादेवी में खोला गया था जिसका उद्घाटन पंजाब के मुख्य स्काउट और गवर्नर सर बर्ट्रेंड ग्लैंसी ने किया था ।

 

1949 में मैसूर के कुछ उत्साही लोगों ने भारत में इस आन्दोलन को बढ़ावा देने के लिए एक समिति का गठन किया । तीन साल बाद भारतीय संघ को अन्तर्राष्ट्रीय यूथ हॉस्टल्स महासंघ की सहयोगी सदस्यता प्राप्त हुई । यूथ हॉस्टल्स ऑफ इण्डिया का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन 1956 में दिल्ली में आयोजित किया गया , जिसने राष्ट्रीय स्तर पर इस आन्दोलन की स्थापना को चिह्नित किया । जिसे भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू से प्रोत्साहन और सराहना मिली ।

 

भिलाई इकाई प्रेसिडेंट ऋषिकान्त तिवारी ने बताया कि 5 अक्टूबर 1970 को यूथ हॉस्टल्स ऑफ इण्डिया की राष्ट्रीय परिषद द्वारा पारित एक प्रस्ताव के माध्यम से नेशनल यूथ हॉस्टल्स ट्रस्ट की स्थापना की गयी । परिणामस्वरूप नयी दिल्ली के चाणक्यपुरी में 120 सीटर एक युवा छात्रावास परिसर बना , जिसका उद्घाटन भारत के पूर्व राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी द्वारा किया गया । दृश्य-श्रव्य उपकरणों से सुसज्जित एक प्रशिक्षण केन्द्र और इनडोर खेलों व पुस्तकालय सुविधाओं से युक्त एक मनोरंजन केन्द्र का उद्घाटन 1992 में इंटरनेशनल यूथ हॉस्टल्स फेडरेशन के प्रथम उपाध्यक्ष जॉन बॉर्के ने किया था । तब से इस प्रशिक्षण केन्द्र को अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों के प्रशिक्षण के लिए इन्टरनेशनल यूथ हॉस्टल्स फेडरेशन द्वारा अनुमोदित किया गया है ।

 

भारत में यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के संस्थापकों में प्रो. डब्ल्यू सी इगल्टन ( चेयरमेन ) , फ्रांसिस फ्लोरी , डॉ. एच एल अर्यप्पा , ओ के नाम्बियार , एम ई भट्ट , आर जी पड़की ( सेक्रेटरी ) , कृष्णा आयंगार , प्रो. एच आर अब्दुल मजीद , एम यमुनाचार्य , की कृष्णामूर्ति , प्रो. व्ही एल डिसूजा , सी रंगाचार्य , एफ जे नरोचा , एन भादरीह एवं अन्य का नाम प्रमुख रूप से आता है ।

 

भिलाई इकाई सचिव सुबोध देवाँगन ने बताया कि आयोजन की शुरुआत संस्थापक सदस्यों की तस्वीर पर पुष्पार्पण से हुआ । उन्होंने यूथ हॉस्टल्स की गतिविधियों , सदस्यों को सुविधा अवसर एवं लाभ के सम्बन्ध में भी विस्तार से जानकारी दिया । इस अवसर पर दुर्ग भिलाई इकाई के आयोजनों में अधिकाधिक भागीदारी के लिए यूथ आइकॉन के रूप में संस्था के वरिष्ठ सदस्य दम्पति हरदेव सिंह गिल एवं मंजीत कौर गिल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेस्ट ऑफ द वेस्ट में इकाई के जूनियर मेम्बर मृणाल पिल्लई को प्रथम सांत्वना पुरस्कार प्राप्त होने के अवसर पर राष्ट्रीय प्रमाण पत्र , नगद पाँच सौ रुपये और भिलाई इकाई द्वारा उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया । इस अवसर पर वरिष्ठ सदस्य हरिशरणजीत कौर द्वारा संस्था को चेंजिंग टेंट प्रदान किया गया ।

 

फाउंडेशन डे का यह आयोजन फैमिली गेट टू गेदर के रूप में आयोजित रहा । जिसमें ओम तिवारी ने गिटार पर खूबसूरत प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया । पी. के. सिंह , सुमन माण्डवे एवं अविनाश तिवारी ने सुमधुर गानों से सभी को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया । सदस्यों ने यूथ हॉस्टल्स से जुड़े अपने अपने अनुभव भी शेयर किये । अन्त में केक काटकर संस्था की सक्रिय सदस्य शबीना अलमास का जन्मदिन मनाया गया ।

 

आयोजन को सफल बनाने में ऋषिकान्त तिवारी , सुधीर अवधिया , महेन्द्र देवाँगन , के. सुब्रमण्यम , हेमलाल देवाँगन , सुबोध देवाँगन , पी के सिंह , पंकज मेहता , दीपक धीमान , हरिशरणजीत कौर , संदीप दवे , संजय द्विवेदी , के. श्रीराम , श्वेता तिवारी , विनय शुक्ला , अनीता शुक्ला , डॉ. आर पी तिवारी , जया तिवारी , अभय तिवारी , अविनाश तिवारी , अमित अग्रवाल , मो. अलमास , शबीना अलमास , लता तिवारी , ओम तिवारी , ओमकुमारी देवाँगन , अंशुल देवाँगन , लीना देवाँगन , सुमन माण्डवे , देवांश माण्डवे , के. सिन्धु , के. स्तुति , बी. समीर , पुष्पलता वर्मा , मृणाल पिल्लई , नीतू वर्मा , इन्द्रजीत कौर , हरदेव सिंह गिल , मंजीत कौर गिल , रश्मि मेहता , श्रीमती के. श्रीराम , कल्पना अवधिया सहित अन्य सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही ।