परमेश्वरी मंदिर प्रगति नगर रिसाली में क्वांर नवरात्रि में 184 मनोकामना ज्योति हुए प्रज्ज्वलित : भागवत कथा की हुई शुरूआत …
- भागवत कथा कराने से पुरखों को मिलती है मुक्ति : आचार्य नीलेश शर्मा
- • भगवान श्रीकृष्ण की कथा श्रवण, सत्संग एवं भक्ति ही कलियुग में मुक्ति का मार्ग है : आचार्य नीलेश
भिलाई। प्रगति नगर रिसाली स्थित परमेश्वरी मंदिर में क्वांर नवरात्रि के अवसर पर 184 मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित किए गए हैं। नवरात्रि के प्रथम दिन अभिजीत मुहूर्त में माता परमेश्वरी की विधिवत पूजा अर्चना कर ज्योति कलश की स्थापना की गई। देवांगन जन कल्याण समिति के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन एवं उनकी पत्नी सुमन देवांगन ने मुख्य यजमान के रूप में पूजा की। परमेश्वरी मंदिर में पूजा, आरती के पश्चात माता सेवा जस गीत प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर श्री नोहर सिंह देवांगन के द्वारा परमेश्वरी मंदिर में 9 लाख रुपए के दान से निर्मित ज्योति कक्ष का लोकार्पण भी किया गया। अपराह्न 3 बजे से व्यास पीठ आचार्य डॉ. नीलेश शर्मा ने श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत की। उन्होंने भागवत की महिमा बताते हुए कहा कि भागवत कथा कराने से पुरखों को मुक्ति मिलती है। उन्होंने ब्रम्हा जी के चार पुत्रों सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार तथा गौकरण एवं धुंधकारी की कथा रोचक ढंग से सुनाते हुए श्रीमद्भागवत कथा श्रवण एवं सत्संग का लाभ बताया। उन्होंने सूतजी एवं शौनक ऋषि संवाद का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कथा श्रवण, सत्संग एवं भक्ति ही कलियुग में मुक्ति का मार्ग है। आरंभ में प्रातः वेदी पूजन के पश्चात कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

समिति के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन ने बताया कि परमेश्वरी मंदिर में क्वांर नवरात्रि पर्व में प्रतिदिन 3 बजे से भागवत कथा, संध्या 6.30 बजे आरती, माता सेवा, जसगीत, संध्या 7.30 बजे से गरबा का आयोजन होगा। संध्या आरती के बाद रोज विशेष भोग प्रसाद वितरित किया जाता है। पंचमी तिथि (27 सितंबर) को सामूहिक महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें महिलाएं अपने घरों से लिए आरती की थाल से आरती करेंगी। नवमी तिथि (1 अक्टूबर) को प्रातः 10.30 बजे से पूजा, हवन एवं जोत जवांरा विसर्जन के पश्चात सामूहिक भोग भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर देवांगन जन कल्याण समिति भिलाई के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन, सचिव विनोद देवांगन, कोषाध्यक्ष गजेन्द्र देवांगन, उपाध्यक्ष रेशमलाल देवांगन, टेसूराम देवांगन, दिनेश देवांगन, कल्पना भानु देवांगन, दयाराम देवांगन, नोहर सिंह देवांगन, सहसचिव गण जीतेन्द्र बांकुरे, जनार्दन देवांगन, गोवर्धन देवांगन, होमलाल देवांगन, मंदिर प्रभारी राजू देवांगन, भवन प्रभारी सत्यपाल देवांगन, हेम कैलाश देवांगन, राजेन्द्र लिमजे, डॉ. प्रीति देवांगन, डॉ. देव प्रकाश देवांगन, डॉ. नंदकुमार देवांगन, डॉ राजकुमारी देवांगन, राधेश्याम देवांगन, श्रवण देवांगन, रामानंद देवांगन, महेश्वरी देवांगन, जयश्री देवांगन आदि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित थे।
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