March 8, 2026

आकाश तिवारी बने रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष, 10 महीने पुराना विवाद खत्म…

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रायपुर: रायपुर नगर निगम की राजनीति में पिछले 10 महीनों से चल रहा विवाद आखिरकार थम गया है। निगम सभापति सूर्यकांत राठौर ने मंगलवार को आदेश जारी कर आकाश तिवारी को नया नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया है। उनके नाम पर मुहर लगते ही निगम की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है।

 

आकाश तिवारी ने संदीप साहू की जगह ली है, जो पिछले कार्यकाल में इस पद पर थे। नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर कांग्रेस पार्षदों के बीच पिछले कई महीनों से मतभेद बने हुए थे। संगठन ने सामान्य सभा की बैठक से पहले फैसला लेकर इस विवाद को सुलझाने का काम किया है।

रायपुर नगर निगम यानि रायपुर शहर की सरकार से नई सियासी खबर है. यहां कांग्रेस ने संगठनात्मक बदलाव करते हुए नया नेता प्रतिपक्ष नियुक्त कर दिया है. आकाश तिवारी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो अब तक संदीप साहू के पास थी. निगम सभापति सूर्यकांत राठौर ने आदेश जारी कर तिवारी की नियुक्ति की पुष्टि की. इस फैसले के साथ करीब 10 महीनों से जारी नेतृत्व विवाद पर अब विराम लग गया है.

काफी समय से नेता प्रतिपक्ष का पोस्ट अटका था: रायपुर नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल के भीतर पिछले कई महीनों से नेता प्रतिपक्ष के नाम को लेकर असहमति बनी हुई थी. संगठन और पार्षदों के बीच राय नहीं बन पाने से यह पद लंबे समय से अटका हुआ था। कई दौर की चर्चाओं के बाद आखिरकार पार्टी ने युवा नेता आकाश तिवारी पर भरोसा जताया है.

सभापति ने जारी किया आदेश: मंगलवार को नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर ने आदेश जारी कर आकाश तिवारी को रायपुर नगर निगम का नया नेता प्रतिपक्ष घोषित किया. इससे पहले यह जिम्मेदारी संदीप साहू निभा रहे थे. संगठन सूत्रों के मुताबिक यह बदलाव पार्टी के अंदर नई ऊर्जा और समन्वय लाने के लिए किया गया है.

युवा नेतृत्व को कांग्रेस ने दिया मौका: कांग्रेस ने आगामी नगरीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए विपक्ष के नेतृत्व में युवा चेहरा सामने लाने का फैसला लिया है. आकाश तिवारी को एक सक्रिय, जमीन से जुड़े और आक्रामक नेता के रूप में देखा जाता है। माना जा रहा है कि पार्टी अब निगम में विपक्ष की भूमिका को और प्रभावी बनाना चाहती है.

पार्टी ने जो भरोसा मुझ पर जताया है, उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा। नगर निगम में जनता के मुद्दे, सफाई व्यवस्था, जल संकट और विकास कार्यों में पारदर्शिता मेरी प्राथमिकता रहेगी. कांग्रेस पार्षद दल अब और संगठित होकर जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाएगा- आकाश तिवारी, नेता प्रतिपक्ष, रायपुर नगर निगम

संगठन में एकजुटता और संतुलन की कोशिश: कांग्रेस सूत्रों की माने तो कांग्रेस ने इस बदलाव के ज़रिए नगर निगम में अपनी पकड़ मजबूत करने और संगठन में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है. पार्टी अब विपक्षी भूमिका में आक्रामक रणनीति अपनाने की तैयारी में है. रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बदलने का फैसला कांग्रेस की भविष्य की रणनीति का हिस्सा है. पार्टी युवा नेतृत्व को आगे लाकर भाजपा शासित निगम में विपक्ष की आवाज को और तेज़ करने की तैयारी में है.

कैसे बढ़ा था विवाद ?: रायपुर नगर निगम का चुनाव 11 फरवरी को संपन्न हुआ और 15 फरवरी को परिणाम आए. चुनाव में भाजपा को 60, कांग्रेस को 7 और 3 निर्दलीय पार्षद मिले थे. 27 फरवरी को मीनल चौबे ने महापौर पद का कार्यभार संभाला. कांग्रेस की ओर से 18 मार्च को वार्ड क्रमांक-1 के पार्षद संदीप साहू को नेता प्रतिपक्ष घोषित किया गया।इसके बाद निगम ने उनके नाम की अधिकृत घोषणा भी की और वे एक सामान्य सभा में बतौर नेता प्रतिपक्ष शामिल हुए.

इसी बीच करीब एक महीने बाद 17 अप्रैल को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश के 10 निगमों के लिए नए नेता प्रतिपक्षों की सूची जारी की।इस सूची में वार्ड क्रमांक-34 से कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय चुनाव जीतने वाले आकाश तिवारी का नाम शामिल था, जो बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए. यहीं से विवाद शुरू हुआ. कांग्रेस द्वारा आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष घोषित किए जाने के बाद,संदीप साहू, रोनित प्रकाश जगत, दीप मनीराम साहू, रेणु जयंत साहू और जयश्री नायक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था.

 

 

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