आधुनिक भारत के शिल्पकार थे श्रद्धेय अटल जी – सुरेंद्र कौशिक
अंत्योदय के साधक थे हमारे अटल जी – ललित चंद्राकर
भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ के राज्य निर्माता राजनीति के अजातशत्रु परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी जन्म शताब्दी वर्ष के अंतर्गत अटल स्मृति दुर्ग ग्रामीण विधानसभा स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन जिला भाजपा कार्यालय में जिला भाजपा अध्यक्ष श्री सुरेंद्र कौशिक की अध्यक्षता में आयोजित की गई आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास प्राधिकरण एवं पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष तथा दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर उपस्थित रहे कार्यक्रम में मंचआसीन
पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशीला साहू ,जिला उपाध्यक्ष श्री मनोज सोनी,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन जिला मंत्री गिरेश साहू , रिसाली मंडल अध्यक्ष अनुपम साहू,राजू जंघेल रहे | आयोजित सम्मेलन में अटल जी के व्यक्तित्व एवं विचारों को वरिष्ठ नेताओं के द्वारा उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के समक्ष प्रस्तुत किया एवं उनके बताए हुए मार्ग को आत्मसात कर जीवन को सार्थक करने का आह्वान किया |
इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति में विकास और सुशासन के प्रतीक हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत विकास की जिस यात्रा की ओर अग्रसर है उसके पीछे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दिया गया सुशासन का वह मंत्र पार्थय हैं जिसे केंद्र एवं राज्य के डबल इंजन के सरकारों ने अंत्योदय की रीति नीति बनाया है भारतीय राजनीति का अजातशत्रु कवि हृदय अटल जी छत्तीसगढ़ से गहरा नाता था छत्तीसगढ़ के निर्माण से पहले रायपुर के स्प्रे मैदान में आयोजित चुनावी सभा का दृश्य आज भी आम जनमानस के बीच रेखांकित है जब अटल जी की झलक पाने के लिए छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से लोग वहां पहुंचे थे उस समय उन्होंने जैसे ही छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया का उदघोष लगाया पूरा मैदान छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति आस्था के भाव से स्पंदित हो उठा इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आप 11 सीट जीत कर दीजिए मैं छत्तीसगढ़ राज्य दूंगा उस चुनाव में हमारी पार्टी से सात सांसद चुनकर लोकसभा में गए थे अटल जी ने छत्तीसगढ़ वासियों से किया गया वादा पूरा कर संकल्पबध्ता को प्रमाणित कर राजनीतिक प्रतिबद्धता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया 31 जुलाई 2000 को लोकसभा और 9 अगस्त को राज्यसभा में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रस्ताव पर मुहर लगी 4 सितंबर 2000 को भारत सरकार के राज्य पत्र में प्रकाशन के बाद 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य देश के 26वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया|
जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने आगे कहा कि अटल जी का पूरा जीवन समाज की अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने में समर्पित रहा उन्होंने केंद्र में जनजाति कार्य मंत्रालय की स्थापना की जिसे जनजाति समाज के सर्वांगीण उन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ|आज हमारा छत्तीसगढ़ देश का इकोनामी का इंजन है बावजूद इसके नक्सलवाद ने हमारे विकास यात्रा को काफी बाधित किया था अब हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दृढ संकल्प तथा जवानों के अदम्य साहस से नक्सलियों को जढ से उखाड़ फेंकने के करीब है नक्सलवाद के उन्मूलन में नियद नेलाल नार समेत डबल इंजन के सरकार की सुशासन योजनाएं वरदान बनी है |
इस अवसर पर ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री प्रथम श्रद्धेय अटल बिहारी जी की जन्म सती के पावन अवसर पर समूचा राष्ट्र श्रद्धा ,कृतज्ञ और गौरव के साथ उनका पूर्ण स्मरण कर रहे हैं यह जन्म सती केवल एक महान व्यक्तित्व की स्मृति नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र की राजनीतिक सांस्कृतिक मूल्यों की उज्जवल परंपरा का उत्सव है यह उन युगदृष्टा नेता को नमन करने का अवसर है जिनके विचारों की गूंज आज भी राष्ट्र की दिशा तय करती है और जिनके आचरण से राजनीति को मर्यादा और गरिमा मिली है |
विधायक ललित चंद्रकार ने आगे कहां की कविता अटल जी को विरासत में मिली अटल जी के पिताजी पंडित कृष्ण बिहारी वाजपेई जी ग्वालियर रियासत के प्रसिद्ध कवि थे उनके लेख कविता पर रियासत के प्राथमिक से हाई स्कूल तक प्रार्थना के रूप में गई जाती थी अटल जी के बड़े भाई अवध बिहारी वाजपेई भी कविता लिखते थे |
श्री चंद्राकर ने आगे कहा कि जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने उन्होंने यह सिद्ध कर दिखाया कि गठबंधन की राजनीति भी स्थिरता संवेदनशीलता और राष्ट्रीयता के साथ सफलतापूर्वक संचालित की जा सकती है प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने भारत को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का बोध कराया पोखरण परमाणु परीक्षण के माध्यम से उन्होंने भारत की सामरिक शक्ति को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित किया | अगर हम कुल मिलाकर कहें श्रद्धेय अटल जी के विचारों और उनके आदर्श को जीवन में आत्मसात कर जीवन को सार्थक बनाएं|
पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशिला साहू ने सुशासन पर अपना संबोधन प्रस्तुत किया |
आयोजीत सम्मेलन में जिला सह कार्यालय मंत्री राहुल पंडित, सोशल मीडिया प्रभारी रजनीश श्रीवास्तव मंडल अध्यक्ष हेमंत सिन्हा महामंत्री चंदू देवांगन पुराण देशमुख जयश्री राजपूत एम आई सी सदस्य निलेश अग्रवाल पार्षद सीमा साहू गजेंद्री कोठारी, सरिता देवांगन ईश्वरी साहू राहुल पंडित सरपंच भागवत पटेल पूर्व सरपंच सुरेश साहू देव प्रसाद साहू पूनम सपहा कांति लाल साहू विनोद चंद्राकर ताम्रध्वज साहू अंचल यादव, विकास कुलश्रेष्ठ चमन यादव गिरिश शर्मा, लक्ष्मीनारण साहू खिलेंद्री ढालेंद्र विनय वर्मा संध्या साहू रुक्मणि साहू शेष जांगडे, सुरभि सुरुचि साहू सहित करुणा यादव हिमांशु चंद्राकर बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के ज्येष्ठ श्रेष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे
