June 27, 2026

संयुक्त ट्रेड यूनियनों का बयान: भिलाई इस्पात संयंत्र के अस्पताल बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का बिगुल…

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भिलाई इस्पात संयंत्र के अस्पताल को निजीकरण की दिशा में ले जाने की आशंकाओं के बीच आज संयुक्त ट्रेड यूनियनों इंटक, एटक, ऐक्टू, सीटू, एचएमएस, लोईमू एवं स्टील वर्कर्स यूनियन की बैठक संपन्न हुई। बैठक में अस्पताल को सार्वजनिक क्षेत्र में बनाए रखने के लिए व्यापक जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। यूनियनों ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य और जनहित की रक्षा का संघर्ष है।

 

*सोमवार से शुरू होगा जनसंपर्क अभियान*

 

बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार से संयंत्र के विभिन्न विभागों, टाउनशिप, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बस्तियों तथा आम जनता के बीच व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान पर्चे वितरित किए जाएंगे, सभाएं आयोजित होंगी तथा लोगों को अस्पताल के निजीकरण के संभावित दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा। यूनियनों ने कहा कि जनता की भागीदारी से ही इस जनसंपत्ति की रक्षा संभव है।

 

*जनता के स्वास्थ्य पर हमला है अस्पताल के निजीकरण का निर्णय*

 

संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के अस्पताल वर्षों से कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता रहा है। यदि इसका संचालन निजी या कॉरपोरेट हाथों में सौंपा गया तो इलाज महंगा होगा, कर्मचारियों और पेंशनरों की स्वास्थ्य सुरक्षा प्रभावित होगी तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का चरित्र कमजोर पड़ेगा। यूनियनों ने अस्पताल के निजीकरण, लीज अथवा कॉरपोरेट प्रबंधन को सौंपने की किसी भी प्रक्रिया का पुरजोर विरोध करने का संकल्प दोहराया।

 

*14 जुलाई को विशाल प्रदर्शन का आह्वान*

 

बैठक में निर्णय लिया गया कि 14 जुलाई (मंगलवार) शाम 6:00 बजे सेक्टर-9 अस्पताल के मुख्य द्वार पर संयुक्त ट्रेड यूनियनों के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों, उनके परिवारों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की गई। यूनियनों ने कहा कि अस्पताल बचाने का यह संघर्ष पूरे भिलाई की अस्मिता और जनस्वास्थ्य की रक्षा का आंदोलन है।

 

*जनता की एकता से ही बचेगी जनसंपत्ति*

 

संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे निजीकरण के खिलाफ इस संघर्ष का हिस्सा बनें और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की रक्षा के लिए आगे आएं। बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि जिस प्रकार संयुक्त संघर्ष से पहले ब्लड बैंक को बचाया गया था, उसी प्रकार व्यापक जनएकजुटता से सेक्टर-9 अस्पताल को भी निजीकरण से बचाया जा सकता है।