स्वास्तिक इण्डस्ट्रियल एंड कंपनी के दो कर्मचारियों ने किया 6 लाख से अधिक का गबन-आदित्य श्रीवास्तव
पदमनाभपुर थाने में चाणक्य साहू और संतोष ठाकरे के विरूद्ध एफआईआर हुआ दर्ज कंपनी के मालिक के अस्पताल में भर्तीऔर उनके मुत्यु के बाद भी कंपनी के नाम से उनके व्यवसियक मित्र से लिए 6 लाख 22 हजार रूपये
भिलाई। रसमड़ा में स्थित स्वास्तिक इण्डस्ट्रियल एंड कंपनी के संचालक
राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव के छोटे दामाद भिलाई निवासी आदित्य
श्रीवास्तव ने एक पत्रकारवार्ता लेकर कंपनी के दो लोगों पर 6 लाख 22 हजार
रूपये गबन करने का आरोप लगाया है। इस मामले में उनकी डेढ सास यानि कंपनी
के मालिक स्व. राजेन्द्र श्रीवास्तव की बडी पुत्री एमआईजी 42 पदमनाभपुर
दुर्ग निवासी श्रीमती सविता श्रीवास्तव पति सौरभ श्रीवास्तव ने पदमनाभपुर
थाने में गत 27 जून को इन दोनो कर्मचारियों पर 6 लाख 22 हजार रूपये गबन
करने का एफआईआर दर्ज करवाई है। चूंकि श्रीमती सविता श्रीवास्तव के आउट ऑफ
स्टेशन होने के कारण उनकी छोटी बहन मोनिका श्रीवास्तव के पति आदित्य
श्रीवास्तव ने पत्रकारवार्ता लेकर उक्त मामले को पत्रकारों के सामने थाने
में दर्ज एफआईआर की कापी प्रदान कर विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया
कि मेरे ससूर राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की स्वास्तिक इण्डस्ट्रियल एंड
कंपनी रसमड़ा में है जहां पिछले 28 सालों से इस कंपनी में सेक्टर 4 भिलाई
निवासी चाणक्य साहू एवं आदित्य नगर दुर्ग निवासी संतोष ठाकरे कार्य कर
रहे थे और हमारे फादर इन लॉ के सबसे विश्वासपात्र कर्मचारी थे तथा पैसे
का लेन देन भी यही करते थे। हमारे फादर इन लॉ का देहांत गत 08 अप्रैल
2026 को दोपहर 3 बजे हो गया और उनके तेरहवी के दिन कंपनी के कर्मचारी
चाणक्य साहू एवं संतोष ठाकरे ने कंपनी में काम करने से यह कहकर मना कर
दिया कि अब बॉस नही रहे हम लोग कंपनी में काम नही करेंगे। उसके अगले दिन
पिताजी के व्यवसायिक मित्र ताराचंद रमेश कुमार फर्म दुर्ग के मालिक
प्रदीप जैन जो हमे बताया कि आपके पिताजी के कंपनी के सेल्स एवं
मार्केटिंग डिपार्टमेंट के कर्मचारी चाणक्य साहू एवं एकाउंटेट संतोष
ठाकरे द्वारा उनके अस्पताल में भर्ती होने और उनके उपचार के लिए 03
अप्रैल को 3 लाख रूपये एवं उनके मृत्यु दिनांक 08 अप्रेल के दिन बिना
मृत्यु की जानकारी दिये बगैर शाम 7.30 बजे कंपनी का काम बताकर 3 लाख 22
हजार रूपये नगद लिये है,उसका पुख्ता प्रमाण भी उन्होंने हमलोगों को दिये
है,जिसे हमने थाना में उक्त प्रमाण को दिया है। इतनी बड़ी रकम लेने के
बाद इन दोनो कर्मचारियों ने घर के किसी भी सदस्य या कंपनी के किसी को भी
इसकी जानकारी नही दिये। इन पैसो के बारे में उनसे पूछने पर उन्होंने कोई
जवाब नही दिया। ऐसा लगता है कि वे अपने मालिक की मृत्यु का इंतजार कर रहे
थे कि उनके मृत्यु के बाद उनके व कंपनी के नाम पर पैसे को गबन करेेंगे।
इस प्रकार इन दोनो कर्मचारियों ने 28 साल के विश्वास का गला घोट दिया।
इन्होंने कंपनी में काम करने से इसलिए मना कर दिया कि अब पैसे और कंपनी
के करोबार के विषय में घर के लोग पूरी जानकारी मांगेगे तो इनके रूपये के
गबन की पोल खुल जायेगी। कंपनी के कारोबार एवं पैसे के बारे में जानकारी
लेने के लिए जब कंपनी से इनको कॉल किया जा रहा है तो सीधा ये लोग कंपनी
के लोगों को धमकाते है कि हम कंपनी छोड दिये है, हम कुछ नही बतायेगे,
दुबारा हमको कॉल मत करना।
0 एसएसपी और पुलिस ने प्रति जताया आभार:- आदित्य श्रीवास्तव ने जिले के
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल का विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि हम
लोग अपने इस मामले को एसएसपी अग्रवाल के पास जाकर इसकी जानकारी दी तो वे
हमारी इस समस्या को गंभीरता से सुने और दोनो कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज
करने का आदेश दिये। पदमनाभपुर पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए तत्काल
एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करने में लग गये। अभी ये दोनो कर्मचारी
गिर$फ्तार नही हुए है। हमें विश्वास है कि पुलिस जांच का दायरा बढायेगी
और जल्द से जल्द उनको गिरफ्तार करेगी। उन्होंने आशंका व्यक्त करते हुए
कहा कि हो सकता है कि इन दोनो कर्मचारी और भी कई लोगों से कंपनी के नाम
से पैसे लिये होंगे,उनसे अपील है कि जो भी कंपनी के या हमारे फादर इन लॉ
राजेन्द्र श्रीवास्तव के नाम से पैसे लिये होंगे वे आगे आये और बताये कि
किससे कितने पैसे इन्होंने लिये है।
0 आदित्य श्रीवास्तव की लोगों से अपील:- आदित्य श्रीवास्तव ने इन दोनो
कर्मचारियों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा स्वास्तिक इण्डस्ट्रियल
एंड कंपनी या स्व. राजेन्द्र श्रीवास्तव के नाम पर इनसे कोई लेन देन ना
करे। इन्होंने आगे कहा कि पिछले 28 साल से हमारे फादर इन लॉ के कंपनी में
कार्य किये चाणक्य साहू और संतोष ठाकरे घर के एक सदस्य जैसे थे, इनके हर
सुख दुख में हमारे फादर इन लॉ ने इनको आर्थिक रूप से सहयोग करते रहे है
फिर भी इतना बडा विश्वासघात कर लाखों रूपये के गबन किये। इसलिए लोगों से
अपील है कि वे ऐसे लोगों से सावधान रहे। 0000