- बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल स्मृति समारोह में जुटेंगे लोग, हादसे का खतरा देख भी अनदेखी?
जांजगीर-चाम्पा। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल स्मृति समारोह के लिए सीमार्ट परिसर (कचहरी चौक) में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। 18 सितंबर से शुरू होने वाले दो दिवसीय आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीद परिवारों के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। लेकिन आयोजन स्थल के प्रवेश द्वार के ठीक सामने सड़क किनारे बना खुला और गहरा गड्ढा प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोलता नजर आ रहा है।
मौके की तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि प्रवेश द्वार के सामने पैदल आने-जाने वाले रास्ते पर एक बड़ा हिस्सा टूट चुका है और नीचे गहरा गड्ढा बना हुआ है। गड्ढे में कचरा और सूखे पत्ते जमा हैं, जबकि इसे ढंकने अथवा सुरक्षित करने के लिए फिलहाल कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहा। ऐसे में समारोह के दौरान यहां आने-जाने वाले लोगों के लिए यह गड्ढा दुर्घटना का कारण बन सकता है।
आयोजन की भव्यता के बीच व्यवस्था पर सवाल
एक ओर प्रशासन समारोह को व्यवस्थित और गरिमामय बनाने की तैयारी में जुटा है, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम स्थल के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने ही ऐसी लापरवाही दिखाई दे रही है। समारोह में बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की आवाजाही रहेगी। सुबह-शाम के समय अथवा भीड़ के दौरान यह गड्ढा किसी की नजर से छूट गया तो पैर फिसलने या गिरने से चोट लगने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सवाल यह है कि जब कार्यक्रम की तारीख पहले से तय है और स्थल पर तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है, तो प्रवेश द्वार के ठीक सामने मौजूद इस खुले गड्ढे पर नगर पालिका और जिला प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ी?
हादसे के बाद जागने का इंतजार?
शहर में सार्वजनिक स्थलों और आयोजन स्थलों की व्यवस्था को लेकर प्रशासन से सतर्कता की अपेक्षा रहती है। यहां भी जरूरत किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने की नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले व्यवस्था दुरुस्त करने की है। नगर पालिका को तत्काल गड्ढे की मरम्मत अथवा उसे सुरक्षित तरीके से ढंकने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि समारोह में आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी या खतरे का सामना न करना पड़े।
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की स्मृति में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप आयोजन स्थल के आसपास की मूलभूत व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रहना जरूरी है। अब देखना यह है कि नगर पालिका और जिला प्रशासन इस खुले गड्ढे को हादसे का इंतजार किए बिना कब तक दुरुस्त कराते हैं।



