March 7, 2026

नहर लाईनिंग करने वाले ठेकेदार ने गिराया बेशकीमती सागौन के पेड़।

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ठेकेदार ने वन विभाग की अनुमति के बगैर गिरा दिए दर्जनो पेड़।

जल संसाधन के उपअभियंता ने कहा हमारे नहर के बीच मे आने वाली पेड़ो को गिराने मुझे किसी की अनुमति की नही है जरूरत।

बीजापुर जिले के मद्देड तालाब से किसानों के खेतों तक पानी पंहुचाने जल संसाधन विभाग द्वारा लगभग 02 करोड़ की लागत से 08 किलोमीटर लंबी नहर लाईनिंग का कार्य किया जा रहा है।

नहर लाईनिंग बनाने ठेकेदार ने वन विभाग की अनुमति लिए बगैर कई बेशकीमती सागौन के विशालकाय पेड़ो को चैन माउंटिंग मशीन से गिरा कर धरासायी कर दिया।

ठेकेदार का काम देखने वाले सुपर वाईजर कैलाश ठाकुर से गिरे पेड़ो के सम्बंध में पूछने पर पहले तो हवा में गिरना बताया।फिर अपनी गलती कबूलते हुए कहा सारे पेड़ो को गिराने जल संसाधन विभाग के उप अभियंता गुलाम दस्तागिर सर ने कहा था।

गांव वालों ने मीडिया द्वारा पेड़ो को गिराने के संबंध में पूछने पर कहा हरे-भरे फलदार या बेशकीमती सागौन पेड़ को नहर निर्माण करने वाले ठेकेदार ने मशीन से पेड़ो को गिराने का काम किया है।

बेशकीमती सागौन एवं अन्य विशालकाय पेड़ो को मशीन से गिराए जाने के संबंध में जब जल संसाधन विभाग बीजापुर के उप अभियंता गुलाम दस्तागिर से पूछने पर साहब का कहना है नहर खुदाई के बीच मे जितने भी पेड़ आएंगे उनको गिरा दिया जाएगा।पेड़ गिराने के लिए मुझे किसी से अनुमति लेने की जरूरत नही है।

नहर लाइनिंग निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा पेड़ों की कटाई या मशीन से गिराने के संबंध में वन मंडलाधिकारी ने कहा यह एक गंभीर मामला है।यह पर्यावरण के लिए हानिकारक है और कानून के खिलाफ भी है।नहर निर्माण के दौरान पेड़ों को काटना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है।पेड़ हमारे पर्यावरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं,वे हवा को शुद्ध करते हैं,वर्षा को नियंत्रित करते हैं,और मिट्टी के कटाव को रोकते हैं। पेड़ों को बचाने के लिए निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पेड़ों को स्थानांतरित किया जा सकता है या उनके आसपास एक रास्ता बनाया जा सकता है।

बिना अनुमति के पेड़ काटना एक अपराध है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।भारतीय वन अधिनियम,1927 के तहत ऐसा करने पर पर्यावरण कोर्ट में मामला दर्ज किया जा सकता है।

ठेकेदार की जिम्मेदारी—–

ठेकेदार को निर्माण कार्य के लिए पेड़ों को गिराना या काटने से पहले सरकार से अनुमति लेनी चाहिए।अगर वह ऐसा नहीं करता है,तो उसे दंडित किया जा सकता है।