March 6, 2026

जानें पंचमुखी हनुमान जी के 5 मुखों बजरंगबली के मुख की पूजा करने के विशेष लाभ…

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Panchmukhi Hanuman Ji ki Puja Ka Mahtava : मंगलवार के दिन पंचमुखी हनुमान जी की पूजा करने का विशेष महत्व है। विशेषकर पंचमुखी हनुमान जी के सामने दीपक जलाने से सभी तरह की बाधाएं दूर होती है। पंचमुखी हनुमान जी के हर मुख का महत्व अलग है। आइए, जानते हैं पंचमुखी हनुमान जी के सभी मुखों का महत्व और किस लाभ के लिए कौन-सी दिशा के बजरंगबली की करें पूजा।

पंचमुखी हनुमान जी की पूजा करने के कई लाभ है। पौराणिक मान्यता है कि पंचमुखी हनुमान जी की आराधना करने से जीवन में चारों तरफ से आ रहे संकटों से मुक्ति मिलती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार भी अगर किसी व्यक्ति के घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास हो, तो घर में पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करने से घर से नकारात्मकता दूर होती है। पंचमुखी हनुमान जी की पूजा से होने वाले लाभ तो सभी जानते हैं लेकिन क्या आप पंचमुखी हनुमान जी के सभी मुखों का महत्व जानते हैं। आइए, जानते हैं पांच दिशाओं में दिखने वाले हनुमान जी के पांचों मुखों का महत्व।

पूर्वमुखी हनुमान जी का महत्व

पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा में पहला मुख वानर का है। वानर का मुख में से सूर्य का अप्रतिम तेज निकलता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी के इस रूप की पूजा करने से शत्रुओं का नाश होता है और भय भी दूर होता है।

पश्चिममुखी हनुमान जी का महत्व

पश्चिम की तरफ जो मुख है, उसे गरुड़ कहा गया है। हनुमान जी के इस रूप को संकटमोचन माना गया है। इसका अर्थ यह है कि जब भी कोई मनुष्य संकट में घिरा रहता है, तो पश्चिममुखी हनुमान जी की पूजा करने से उसके सारे संकट दूर होते हैं।

उत्तरमुखी हनुमान जी का महत्व

उत्तर दिशा को देवताओं की दिशा माना जाता है। यही कारण है कि जीवन की मंगल कामना के लिए उत्तरमुखी हनुमान जी का विशेष महत्व है। उत्तर में शूकर मे मुख के रूप में हनुमान जी विराजित हैं। इनकी पूजा करने से जीवन में लंबी आयु और निरोगी काया मिलती है।

दक्षिणामुखी हनुमान जी का महत्व

 

हनुमान जी का दक्षिण की तरफ जो मुख है, वो भगवान नृसिंह का रूप है। यह रूप उपासकों को भय, चिंता से मुक्ति दिलाकर सुरक्षा प्रदान करता है। दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा कहा जाता है। इसी कारण से इस दिशा में दक्षिणामुखी हनुमान जी का विराजित होना नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर करता है।

ऊर्ध्वमुख हनुमान जी का महत्व

हनुमान जी का ऊर्ध्वमुख मुख घोड़े का मुख है। हनुमान जी के इस मुख की पूजा करने से शत्रुओं और संकटों से मुक्ति मिलती है। ऊर्ध्वमुखी हनुमान जी का रूप व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति और सद्गति की ओर मार्गदर्शन करता है।