March 7, 2026

Shardiya Navratri 2025 Date: इस साल कब से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र? अभी से नोट कर लें सही डेट और शुभ मुहूर्त…

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शारदीय नवरात्र मां दुर्गा को समर्पित है।

इस दौरान मां दुर्गा की पूजा होती है।

मां दुर्गा भक्तों की रक्षा करती हैं।

धर्म डेस्क। हर साल आश्विन माह में शारदीय नवरात्र के त्योहार को उत्साह के साथ के मनाया जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के मंदिरों में खास रौनक देखने को मिलती है। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए शारदीय नवरात्र (Shardiya navratri 2025) के पर्व को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और व्रत करने से साधक को जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि कब से शुरू हो रहे हैं शारदीय नवरात्र।

शारदीय नवरात्र 2025 डेट और टाइम (Sharadiya Navratri 2025 Start Date end Date)

वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा 22 सितंबर को रात 01 बजकर 23 मिनट से शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 23 सितंबर को रात 02 बजकर 55 मिनट पर होगा। ऐसे में 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे।

शारदीय नवरात्र 2025 घटस्थापना मुहूर्त

शारदीय नवरात्र में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 09 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक है।

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक है। इन दोनों ही मुहूर्त में घटस्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

शारदीय नवरात्र घटस्थापना के नियम (Kalash Sthapana Niyam)

शारदीय नवरात्र के दिन प्रथम दिन सुबह स्नान करने के बाद विधिपूर्वक कलश की स्थापना करें और देसी जलाकर मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना करें। व्रत का संकल्प लें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, घटस्थापना करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और साधक पर मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है। एक बात का खास ध्यान रखें कि घटस्थापना के लिए तांबे, चांदी या फिर मिट्टी के बर्तन का प्रयोग करना चाहिए। घटस्थापना करने के बाद गरीब लोगों या मंदिर में श्रद्धा अनुसार दान जरूर करना चाहिए।

घटस्थापना के दौरान न करें ये गलतियां

घटस्थापना करते समय के किसी के बारे में गलत न सोचें।

किसी से वाद-विवाद न करें।

भूलकर भी काले रंग के कपड़ें न पहनें।

घर और मंदिर की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।

 

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