अकलतरा थाना में पदस्थ आरक्षकों के संरक्षण में चल रहा गौरव का जुआ…
जांजगीर,अकलतरा,बलौदा,चांपा,पामगढ़ से दर्जनों की संख्या में पहुंचते है जुआरी
जांजगीर चांपा। जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत चल रहे जुए पुलिस विभाग के लिए सिरदर्द बना हुआ है। थाना में पदस्थ कुछ आरक्षकों के संरक्षण में चलने वाले गौरव के जुआ को पकड़ने में अकलतरा पुलिस नाकाम साबित हो रहे है। जुआ संचालक खुलेआम जिले के पुलिस को चुनौती दे रहा है कि “दम है तो जुआ पकड़ कर दिखाए।” पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय के द्वारा जुआ, सट्टा, शराब की अवैध बिक्री सहित अवैध गतिविधियों पर लगा लगाने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश देने के बावजूद अकलतरा पुलिस बेबस नजर आ रही है।
जिले के अकलतरा थाना अंतर्गत अमरताल,हमसफर ढाबा के सामने,कटनई,देवरी,साजापाली,खोंड,किरारी सहित कई गांवों में रोज जगह बदल – बदल कर लाखों रुपयों का जुआ चल रहा है। जो जिले के पुलिस विभाग के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
ऐसे तो जिले में कई जगहों पर जुआ चल रहा है, लेकिन अकलतरा थाना क्षेत्र में जुआ कई महीनों से चल रहा है। जुआ संचालको के ऊपर कार्यवाही नही होने से उनका मनोबल बढ़ा हुआ है। ये लोग इतना निडर हो गए है कि “पुलिस को खुलेआम चुनौती दे रहे है की दम है तो जुआ पकड़ कर दिखाए।”
नाम नही छापने के शर्त पर जुआ संचालक के एक सहयोगी ने बताया कि अकलतरा थाने में पदस्थ कुछ आरक्षकों के संरक्षण में गौरव का जुआ विगत तीन साल से लगातार चल रहा है।उन्होंने बताया कि हमारा सूचना तंत्र बहुत मजबूत है। अगर पुलिस द्वारा जुआ में छापामार कार्यवाही के लिए जैसे ही निकलते है तो हम लोगों के पास सूचना आ जाते है और सभी जुआरी पतली गली से निकल जाते है। थाना से लेकर जुआ फड़ तक हमारे चौकीदार मोबाइल पकड़कर तैनात रहते है और हर खबर को पहुंचाते है। ताकि जुआरियों किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
*बाहरी लोगों के आने जाने से माहौल हो रहा खराब*
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में जुआ चलने से लगातार बाहरी लोगो के आने जाने से क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। गांव के भोले भाले युवक भी जुआ के चंगुल में फंस कर बर्बाद हो रहे है।क्षेत्र में मारपीट,चोरी की घटनाएं बढ़ रही है, ग्रामीण डरे सहमे से है।
*पुलिस से सेटिंग के नाम पर जुआरियों से पांच सौ एंट्री पीस*
जुआ संचालको द्वारा पुलिस और साइबर सेल से सेटिंग के नाम पर प्रत्येक जुआरियो से पांच सौ रुपये एंट्री फीस लिया जाता है और उनको भरोसा दिलाया जाता है कि कुछ भी होगा तो सभी जवाबदारी हमारी होगी। तब जुआरी व साहूकार लाखों रुपये लेकर जुआ खेलने आते है। हफ्ता-पंद्रह दिनों में जुआरियो के लिए खाने पीने के लिए चिकन, मटन की भी व्यवस्था की जाती है।ताकि जुआरियों की संख्या में कमी ना हो।
*नाल से रोज 20 से 30 हजार कमाते है जुआ संचालक*
जुआ संचालक जुआ खेलवाने के एवज में जुआरियों से रोज नाल के नाम पर 20 से 30 हजार रुपए कमाते है। इसके बदले जुआ फड में पानी,सिगरेट,राजश्री सहित वो सारी व्यवस्था रहते है जो जुआरियों को चाहिए।बरसात के दिनों में बाकायदा नीले रंग की तालपतरी का तम्बू बनाए रहते है ताकि बारिश से जुआरियों को किसी भी प्रकार की तकलीफ न हो।
” गौरव के जुआ के बारे शिकायत मिली है।जुआ फड में छापामार कर उचित कार्यवाही किया जाएगा।”
भास्कर शर्मा
थाना प्रभारी,अकलतरा