सावधान: खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा यमुना का जलस्तर, गहराया बाढ़ का संकट…
नई दिल्ली: दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। बुधवार रात 8 बजे जलस्तर 205.35 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 205.33 मीटर है। सरकार ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की है। अगले 2 से 3 दिनों में यमुना नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। यह ‘गंभीर बाढ़’ की श्रेणी में आ सकता है।
मयूर विहार में लोगों के रहने के लिए 100 राहत शिविर बनाए गए हैं। नोएडा और आसपास के इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात हैं। कई लोगों के घर पानी में डूब गए हैं।प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह रहा है। सभी विभागों को अलर्ट कर दिया गया है। सरकार और प्रशासन लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लोगों को भी सावधानी बरतने और प्रशासन का सहयोग करने की जरूरत है।
दिल्ली में चेतावनी का निशान 204.5 मीटर जबकि खतरे का निशान 205.3 मीटर है। जलस्तर 206 मीटर पहुंचने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया जाता है। पुराना रेलवे पुल नदी के प्रवाह और संभावित बाढ़ के जोखिमों पर नजर रखने के लिए एक प्रमुख निगरानी पॉइंट है। केंद्रीय बाढ़ कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, ‘जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण वज़ीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे भारी मात्रा में पानी छोड़ा जाना है। जलस्तर और बढ़ने का अनुमान है।’
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, वजीराबाद से हर घंटे लगभग 37,230 क्यूसेक पानी और हथिनीकुंड बैराज से लगभग 52,448 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज से छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे लगते हैं। ऊपरी इलाकों से कम पानी छोड़े जाने के बावजूद यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है।