March 13, 2026

छात्रों को खुद जॉब क्रियेटर बनना होगा- प्रो राजीव प्रकाश .

IMG-20250903-WA0013

भिलाई: आईआईटी भिलाई में सीबीडीई वर्क शॉप का आयोजन किया गया है। दो दिवसीय यह आयोजन भारत सरकार के मालवी मिशन के तहत किया गया है। जहां देशभर से आए विषय-विशेषज्ञों ने आईआईटी के छात्रों को इंटरप्रेन्योरशिप के बारे में बताया। उन्हें प्रेरित किया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ प्रयोग भी करें और इससे आगे बढ़कर शहर, प्रदेश व उद्योगों की समस्याओं को भी जाने। इन समस्याओं को दूर करने नए आइडियाज पर काम करें।

नई आडिया और प्लानिंग से की गई नई खोज से ही स्टार्टअप की नई शुरूआत होगी। 

आईआईटी भिलाई के आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन के तत्वावधान में यह वर्कशॉप का आयोजन किया गया है। जहां 120 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस वर्कशॉप में आईआईआईटीडीएम कांचीपुरम के एसोसिएट प्रोफेसर सुधीर वरधराजम शामिल हुए। सीएसई विभाग से डॉ. अमीत धर भी उपस्थित रहे। वर्कशॉप में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर, एनआईटी अगरतला, एनआईटी राउलकेला,व्हीएनआईटी नागपुर से एक्सपर्ट शामिल हुए। जिन्होंने यहां छात्रों को मीनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के तहत चलाई जा रही इस मालवी मिशन के बारे में बताया। उन्हें प्रेरित किया कि वे अपनी पढ़ाई के बाद जॉब के बजाए खुद का स्टार्टअप शुरू करने के दिशा में आगे बढ़े और खुद को इसके लिए तैयार करें। इसके लिए प्रेजेंटेशन का आयोजन भी किया गया। जहां छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट के बारे में बताया। आईआईटी के छात्र पढ़ाई के साथ साथ अपने प्रोफेसर के साथ मिलकर कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। उसके बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में शामिल आईआईटी के डारेक्टर राजीव प्रकाश ने कहा कि देश में यदि 10 करोड़ छात्र है, तो जॉब मात्र 1 करोड़ है। तो बाकी युवाओं को जाब नहीं मिलेगा। ऐसे में छात्रों को खुद जॉब क्रियेटर बनाना होगा। खुद इंटरप्रेन्योर बनाना होगा। इसलिए पढ़ाई के साथ साथ सीनियर और प्रोफेसर के साथ प्रोजेक्ट पर काम करते हुए सीखे। आसपास की जो सभी समस्याएं है। उसे समझने का प्रयास करें और उसका अपने नए आइडियाज और इनोवेशन से उसका हल खोजे। खुद का स्टार्टअप शुरू करें और खुद नौकरी करने के बजाए दूसरों को नौकरी देने वाला बने। कार्यशाला के कोआर्डिनेटर संतोष बिस्वास, आईबीआईटीएफ से विष्णु वैभव द्विवेदी, धीरज सोनी आदि शामिल रहे।