March 7, 2026

आज नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत करेंगे पीएम मोदी…

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नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) बनकर तैयार है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एयरपोर्ट का आज 8 अक्टूबर को उद्घाटन करेंगे. यह सिर्फ मुंबई और पूरे पश्चिमी भारत की हवाई यात्रा के लिए एक बड़ी राहत और बूस्ट नहीं है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत का एक ज़बरदस्त प्रतीक भी है. नवी मुंबई में, उल्वे के पास, लगभग 2,866 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट महज़ एक हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि वो बड़ी हकीकत है जिसका सपना मुंबईवासी बीते 25 सालों से देख रहे थे. यह है भारत का सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, जो अब हकीकत बन चुका है. एक एयरपोर्ट कितना भव्य बना है, इसकी बानगी यहां की इनसाइड तस्वीरों से समझिए.

मुंबई के ट्रैफिक का बोझ होगा आधा: क्यों चाहिए था ‘ग्लोबल गेटवे’?

दशकों से मुंबई की पहचान रहा छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) अपनी क्षमता की अधिकतम सीमा को छू चुका है. यात्रियों का बोझ, फ्लाइट्स का कंजेशन और हर दिन करीब 1000 उड़ानें—यह इसकी डिज़ाइन क्षमता से कहीं ज़्यादा है. CSMIA के दो रनवे हैं, लेकिन उनका इंटरसेक्शन ऑपरेशन्स को केवल एक रनवे तक सीमित कर देता है, यही वजह है कि विमानों को उतरने के लिए कई बार हवा में चक्कर काटने पड़ते हैं!

लेकिन अब इंतज़ार खत्म! मुंबई का CSMIA पहले की तरह ही चलता रहेगा, लेकिन नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के शुरू होते ही मुंबई महानगर क्षेत्र में दो-दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट हो जाएँगे, जिससे समय के साथ एयर-ट्रैफ़िक का दबाव आधा हो जाएगा!

 

NMIA की क्षमता और ताकत

NMIA पहले चरण में सालाना 2 करोड़ यात्री संभालने की क्षमता के साथ तैयार हुआ है, और अंतिम चरण में इसकी क्षमता 9 करोड़ यात्री की तक पहुंचने का अनुमान है. दोनों एयरपोर्ट मिलकर मुंबई की यात्री क्षमता को 14.5 करोड़ तक पहुंचा देंगे. सिर्फ यात्री ही नहीं, यह सालाना 3.25 MMTA (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) कार्गो भी संभालेगा, जो इसे एशिया का एक शक्तिशाली व्यापार केंद्र बनाएगा.

लंदन, न्यूयॉर्क, टोक्यो जैसे चुनिंदा शहरों की फेहरिस्त में शामिल होगा मुंबई

इसमें दो समानांतर 3700 मीटर लंबे रनवे होंगे, जो ऐसी आधुनिक प्रणालियों से लैस होंगे कि कम विज़िबिलिटी में भी उड़ानें – रुकेंगे नहीं! इसे पाँच चरणों में विकसित किया जाना है और इसके उद्घाटन के करीब एक महीने के अंदर ही यहां से कमर्शियल उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है. NMIA के शुरू होने के बाद मुंबई, लंदन, न्यूयॉर्क और टोक्यो जैसे दुनिया के चुनिंदा शहरों की लीग में शामिल हो जाएगा, जहाँ दो बड़े एयरपोर्ट हैं.

आम जनता और एक्सपर्ट्स का उत्साह

ग्राउंड पर गई NDTV की टीम को लोगों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. आम लोगों ने एक ही सुर में कहा- “ये मुंबई 2.0 है. मुंबई क्राउडेड है, नवी मुंबई एयरपोर्ट के बाद अब मुंबई शहर का भार कम होगा.”सिटी एक्सपर्ट्स भी इसे एक लैंडमार्क मोमेंट मान रहे हैं. सिटी एक्सपर्ट विशाल भार्गव ने NDTV से कहा- “बहुत एक्साइटमेंट है, लैंडमार्क मोमेंट है, बिज़नेस को ज़बदरस्त बढ़ावा मिलेगा.”

बीते चार सालों में एयरपोर्ट के काम में दिखी रफ़्तार देखते हुए एक्सपर्ट कहते हैं, “2021 में अदाणी समूह ने काम संभाला, और पिछले चार सालों में कितना ज़्यादा प्रोग्रेस हुआ ये क़ाबिले तारीफ़ है, इतने बड़ी ज़मीन पर इतनी बड़ी प्लानिंग, ये इंजीनियरिंग मार्वल की तरह क्लासिफाई हो सकता है, तीन लाख से ज़्यादा जॉब्स क्रिएट होंगी, दो लाख भी हो जाये तो बहुत बड़ा नम्बर है”

नाइटफ्रैंक इंडिया के सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर गुलाम ज़िया ने NDTV से कहा, “तीन लाख से ज़्यादा जॉब्स क्रिएट होंगी, IT पार्क, बगैर तो है ही पर बाक़ी सुविधाओं का भी सोचिए जो इनसे कनेक्टेड है, स्कूल कॉलेज सहित अन्य सारे इंफ्रास्ट्रक्चर, इन सबकी वजह से जॉब बनेंगी उसमें मल्टीप्लायर इफ़ेक्ट होगा. “

 

ग्रीन एनर्जी और AI टेक्नोलॉजी से लैस भविष्य का एयरपोर्ट

NMIA में ‘ग्रीन एनर्जी’ और ‘AI तकनीक’ पर खास ज़ोर है. एयरपोर्ट अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए सौर शक्ति पर निर्भर रहेगा, जहाँ अंतिम चरण में 47 मेगावॉट सोलर पावर का लक्ष्य है. साथ ही, यह एयरपोर्ट ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) स्टोरेज सुविधा के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाता है.

यह एयरपोर्ट आसमान से लेकर ज़मीन तक, हर कदम पर टेक्नोलॉजी का स्मार्ट इस्तेमाल करता दिखेगा. यात्रियों का सफ़र पूरी तरह डिजिटल होगा, जिसमें AI-पावर्ड क्यू मैनेजमेंट सिस्टम और डिजी यात्रा जैसी तकनीकें पेपरलेस, कॉन्टैक्टलेस और बेहद तेज़ यात्रा अनुभव देंगी!

 

इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत विकसित किया गया है. 18 फरवरी 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी, और 2021 में प्रोजेक्ट संभालने के बाद से अडानी समूह (74%) महाराष्ट्र सरकार की एजेंसी सिडको (26%) के साथ मिलकर इसका निर्माण, संचालन और प्रबंधन कर रहा है. अपने पूरे विकास के दौरान, यह एयरपोर्ट प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 3 लाख नौकरियाँ पैदा करने की क्षमता रखता है.

कनेक्टिविटी का महासंगम! : रेल, सड़क और समंदर!

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का पहला एयरपोर्ट है जो रोड, रेल और वॉटर तीनों रूटों से सीधा कनेक्टिविटी देगा! रेल, सड़क और समंदर! ट्रैफिक से बचाते हुए यात्रियों को एयरपोर्ट तक मिनटों में पहुँचाने के लिए तीनों रास्ते तैयार हो रहे हैं. शुरुआत में सड़कों का सहारा है पर जल्द ही मेट्रो और पानी से भी सीधी एंट्री मिलेगी.

 

सड़क कनेक्टिविटी: अटल सेतु मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक ने दक्षिण मुंबई से एयरपोर्ट तक का सफर 40 मिनट से कम कर दिया है, जिससे भारत की सबसे तेज़, सिग्नल-फ्री एंट्री मिलेगी.मेट्रो कनेक्टिविटी: मेट्रो गोल्ड लाइन (8) मुंबई एयरपोर्ट को सीधे नवी मुंबई एयरपोर्ट से जोड़ेगी – यह देश की पहली एयरपोर्ट-टू-एयरपोर्ट मेट्रो लिंक होगी. बेलापुर-पेंडार मेट्रो लाइन को भी उल्वे तक विस्तारित करने का विचार है.हाई-स्पीड ट्रेन कनेक्टिविटी: एयरपोर्ट के पास मुंबई-हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का टर्मिनल स्टेशन भी प्रस्तावित है.वॉटर कनेक्टिविटी: ये भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा होगा जहाँ वॉटर टैक्सी सेवा उपलब्ध होगी! इस प्रोजेक्ट की प्रगति के तहत, हवाई अड्डे के पास जेटी का निर्माण हो चुका है.इससे दक्षिण मुंबई के कोलाबा जैसे स्थानों से एयरपोर्ट तक सिर्फ़ 17-20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा. जो यात्रा करीब एक घंटे में तय होती थी, उम्मीद है कि अब 17 मिनट में हो पाएगी! यह ट्रैफिक से मुक्ति और वायु प्रदूषण से राहत दिलाएगी.

पहाड़ी और दलदल में खड़ा हुआ इंजीनियरिंग का ‘मेगा चमत्कार’!

भारत ने आज साबित किया कि इच्छाशक्ति हो तो पहाड़ों को भी झुकाया जा सकता है और दलदल में भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट खड़ा किया जा सकता है! राष्ट्रीय पुष्प कमल के भव्य आकार में तैयार हुआ नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ़ एक ढाँचा नहीं, बल्कि भारतीय इंजीनियरिंग का एक मेगा चमत्कार भी कहा जा सकता है!

 

एयरपोर्ट का बड़ा हिस्सा दलदली इलाक़ा था, जो निर्माण के लिए बिल्कुल अस्थिर होता है. यहाँ लाखों टन मिट्टी और वैज्ञानिक फिलिंग की ज़रूरत थी.

दूसरी बड़ी चुनौती थी एयरपोर्ट के बीच से गुज़रती एक बड़ी पहाड़ी! जिसे काटकर और समतल करके ही रनवे के लिए सपाट जगह बनाई गई.

एयरपोर्ट बनाने के लिए उलवे नदी के बहाव को भी मोड़ना पड़ा, ताकि रनवे की ज़मीन सूखी रहे!

यह इंजीनियरिंग का ऐसा करिश्मा है, जहाँ दलदल को ठोस ज़मीन और पहाड़ को प्लेन रनवे में बदला गया!

सिटी एक्सपर्ट विशाल भार्गव ने कहा- “चीन में ऐसे उदाहरण हैं, लेकिन चीन को छोड़ दें तो बहुत कम जगहों पर ऐसे प्रोजेक्ट्स दिखते हैं जो इतनी कम्प्लेक्सिटी के बीच बन पायी हों, नवी मुंबई के बहुत से लोकेशन पर ज़मीन दलदल से भरी है, निर्माण के लिए बहुत मुश्किल ज़मीन है, एयरपोर्ट के निर्माण को इंजीनियरिंग मार्वल की तरह हमें देखना चाहिए”

 

“नैना” का उदय: एक नए महानगर का जन्म

नवी मुंबई एयरपोर्ट सिर्फ़ हवाई जहाज़ों का एक अड्डा नहीं बल्कि ये एक पूरे नए शहर के उदय का केंद्र है! एयरपोर्ट के चारों ओर जिस विशाल शहरी परियोजना को विकसित किया जा रहा है, उसका नाम है “नैना” (NAINA) यानी Navi Mumbai Airport Influence Notified Area!

 

“नैना” साधारण भाषा में, एक नियोजित क्षेत्रीय विकास योजना है जो सिडको द्वारा एयरपोर्ट के आस-पास के लगभग 25 किमी के दायरे में विकसित की जा रही है!

यह वो मास्टरप्लान है जो नवी मुंबई एयरपोर्ट की शक्ति का इस्तेमाल करके भारत के नक्शे पर एक नए, आधुनिक और नियोजित महानगर को जन्म दे रहा है! खारघर, उलवे और पनवेल में बिजनेस पार्क, टाउनशिप और लॉजिस्टिक्स हब तेज़ी से पनप रहे हैं. एयरपोर्ट के कारण यहाँ लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, हॉस्पिटैलिटी और आईटी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों का तेज़ विकास होगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर पैदा होंगे.