बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवात का खतरा, तटीय इलाकों में अलर्ट…
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मलक्का जलडमरूमध्य और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना स्पष्ट चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र अभी भी सक्रिय है। इससे जुड़ा परिसंचरण तंत्र समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है।
यह सिस्टम पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ते हुए सोमवार को दक्षिण–पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे जुड़े दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक अवदाब (डिप्रेशन) में परिवर्तित हो गया है। इसके बाद अगले 48 घंटों में, यानी 26 तारीख की शाम तक इसके एक चक्रवात में बदलने की संभावना है।
कल से बढ़ेगा चक्रवात का प्रभाव
25 तारीख की शाम से समुद्र में इसका प्रभाव बढ़ने लगेगा। दक्षिण–पूर्व बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 50 से 70 किमी प्रति घंटे तक रहेगी।
26 तारीख की सुबह हवा की रफ्तार 60 से 70 किमी प्रति घंटे और कुछ स्थानों पर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 27 तारीख की सुबह यह गति बढ़कर 100 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है।