23 देशों की यात्रा, 29 सम्मान और 18 संसदों में भाषण, पीएम मोदी ने दुनियाभर में जमाई भारत की धाक…
- वर्ष 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने 23 देशों की यात्रा कर कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत किए। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी और वैश्विक मंच पर देश का कद ऊंचा हुआ। आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दुनिया ने सराहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए यह साल सबसे व्यस्त और सबसे अहम रहा। उन्होंने अफ्रीका, पश्चिम एशिया और यूरोप के 23 देशों तक पहुंच बनाई। कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत किए। मालदीव और अन्य वैश्विक सहयोगियों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ किया। खासकर, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ विविधीकृत रणनीतिक साझेदारियों के जरिये इसे पूरा किया। भारत और चीन के बीच भी संबंध स्थिर हुए।
ट्रंप टैरिफ पर अडिग । वैश्विक व्यापार में अस्थिरता के बीच पीएम मोदी का अंतरराष्ट्रीय कद काफी बढ़ गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के टैरिफ युद्ध के सामने अन्य देश झुक गए, मगर मोदी का संकल्प अटल रहा। भारतीय किसानों और छोटे कारोबारियों के बुनियादी हितों की रक्षा कर उनके राष्ट्र प्रथम नजरिये ने बता दिया कि भारत को असमान व्यापार व्यवस्था स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
तेजी से बढ़ी अर्थव्यवस्था । वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए GDP वृद्धि दर करीब 7.3% होने के अनुमान के साथ, दूसरी तिमाही में 8.2% की वास्तविक वृद्धि से भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना है। GST दरों में कमी, उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग, औद्योगिक और विनिर्माण प्रोत्साहन के जरिये अर्थव्यवस्था को गति मिली। इस साल डिजिटल बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्र तेजी से उभरे। शांति विधेयक, 2025 ने ऐतिहासिक सुधार को दर्शाया।
ब्रिक्स में आतंक की निंदा । अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित किया। पीएम मोदी का यह कहना कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता, आतंकवाद के खिलाफ भारत के शून्य सहिष्णु सिद्धांत को दर्शाता है। जुलाई में ब्रिक्स सम्मेलन में पहली बार जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले की निंदा की गई। SCO शिखर सम्मेलन ने भी कड़ा संदेश दिया।
29 देशों से मिला सम्मान । इस साल भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा भी खूब बढ़ी। पीएम मोदी को बारबाडोस, मॉरीशस, श्रीलंका, साइप्रस, घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, ब्राजील, नामीबिया, इथियोपिया और ओमान सहित 29 देशों ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया। रणनीतिक व्यापार वार्ता ने भारत की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया। भारत-ब्रिटेन CETA और भारत-ओमान CEPA ने पश्चिम और खाड़ी बाजार तक पहुंच बढ़ाई। भारत ने न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया। यूरोपीय संघ, कनाडा, इस्राइल, मेक्सिको और GCC देशों के साथ वार्ता ने दुनिया भारत के भरोसे को बढ़ाया है।
18 संसदों में दिया भाषण । पीएम मोदी ने घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, नामीबिया और इथियोपिया की संसद को संबोधित किया। बेहतर दुनिया के लिए भारत के दृष्टिकोण को बताया। SDG व जलवायु कार्रवाई लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विकासात्मक वित्त और उभरती प्रौद्योगिकियों तक बेहतर पहुंच के लिए ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं की वकालत की। 18 संसदों में भाषण देने वाले वह एकमात्र भारतीय भी बने।
दुनिया से मिली तारीफ । इस साल दुनिया भर के नेताओं ने पीएम मोदी की ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता की सराहना की। कैरेबियाई नेताओं ने उन्हें स्थिर राजनेता बताया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पूतिन ने उनकी तारीफ करते हुए भारत को भाग्यशाली बताया। पूतिन और जॉर्डन के क्राउन प्रिंस हुसैन के साथ मोदी की कार डिप्लोमेसी की भी चर्चा हुई। इथियोपिया के पीएम अबी अहमद अली का उन्हें एस्कॉर्ट करना और भूटान के राजा का सड़क पर खड़े होकर स्वागत करना, नरेंद्र मोदी का अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ का व्यक्तिगत संबंध दर्शाता है। कुल मिलाकर, 2025 आत्मविश्वास और उभरते देश के तौर पर भारत की यात्रा में निर्णायक साबित हुआ।