नए साल के जश्न में ठंड का तड़का, पहाड़ों की बर्फबारी से शीतलहर तेज…
नए साल के आगाज के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीतलहर ने जोर पकड़ लिया है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में दिख रहा है, जिससे ठंड और बढ़ने के आसार हैं।
नए साल के जश्न में इस बार सर्दी ने भी पूरा तड़का लगा दिया। वर्ष की शुरुआत कड़ाके की ठंड के साथ हुई है। पहाड़ी इलाकों में जारी बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्रों में साफ नजर आने लगा है। ठंडी हवाओं और गिरते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
रात और सुबह में बढ़ी कंपकंपी
नए साल के पहले दिन से ही शीतलहर ने रफ्तार पकड़ ली। रात और सुबह के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है। सर्द हवाओं के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। खुले स्थानों पर आवाजाही कम हो गई है और बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखने को मिल रही है।
कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी
शीतलहर के चलते सुबह और देर रात काम पर निकलने वाले लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव, गर्म कपड़े और हीटर का सहारा ले रहे हैं। कड़ाके की ठंड में लोग कंपकंपाते नजर आए।
अगले कुछ दिन और बढ़ेगी ठंड
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने मेरठ समेत कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना जताई है, जिससे ठंड में और इजाफा हो सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।