डॉ. खूबचन्द बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भिलाई-3 (दुर्ग) के इतिहास विभाग के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय की प्रवीण सूची में अपना स्थान सुनिश्चित किया…
डॉ खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भिलाई-3 के इतिहास विभाग के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी विभाग के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय देते हुए हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की प्रवीण सूची में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। इतिहास विभाग की तीन मेधावी छात्रों ने विश्वविद्यालय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय और विभाग का नाम गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि में श्रृंखला नाईक ने द्वितीय स्थान, नम्रता वर्मा ने तृतीय स्थान तथा तरणि देवदास ने दसवाँ स्थान प्राप्त कर प्रवीण सूची में स्थान बनाया है। यह सफलता न केवल इन विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन का परिणाम है, बल्कि इतिहास विभाग के सशक्त शैक्षणिक वातावरण एवं मार्गदर्शन का भी प्रमाण है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अश्विनी महाजन ने सफल विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इतिहास विभाग के विद्यार्थियों का लगातार विश्वविद्यालय की प्रवीण सूची में स्थान बनाना महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासित अध्ययन परंपरा और शिक्षकों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से भविष्य में भी इसी प्रकार लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर उच्च शिखरों को छूने का आह्वान किया।
इतिहास विभाग के अतिथि व्याख्याता श्री कमुन वर्मा ने भी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत, विषय के प्रति रुचि तथा नियमित अध्ययन का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि विभाग सदैव विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मार्गदर्शन और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इन विद्यार्थियों की सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
इतिहास विभाग के अतिथि व्याख्याता डॉ वर्षा सूर्यवंशी एवं महाविद्यालय समस्त प्राध्यापकों ने भी इन विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भी इतिहास विभाग के विद्यार्थी इसी प्रकार विश्वविद्यालय एवं राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते रहेंगे। इस उपलब्धि से महाविद्यालय का शैक्षणिक गौरव और अधिक सुदृढ़ हुआ है तथा यह क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करता है।