सीएम सायं का शक्त फरमान अपराधियों में पुलिस का भय दिखे व आम जनता पर दिखे पुलिस का अटूट विश्वास …
- घर के नजदीक थानों में जमे हुए पुलिस वालो पर वरिष्ठ अधिकारियों को नकेल कसने की जरूरत
भिलाई।दुर्ग जिले में बढ़ते अपराध नशाखोरी,हत्या,कटर बाजी,चोरी जैसे संघीन अपराधों के पीछे मूल कारण थानों एवं ACCU में जमे हुए लंबे समय से आरक्षक, प्रधान आरक्षक,एवं एएसआई की भूमिका अपराध एवं अपराधियों के साथ तगड़ी साठगांठ के अलावा महफिल सजने सजाने मुख्य वजह हैं।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को चाहिए कि जिस थाना क्षेत्र अन्तर्गत कोई बड़ा संघीन अपराध घटित होता है तो ये पुलिस के आला अफसर अपने महत्त्त अफसरों को निर्देशित करते है कि पार्थी एवं आरोपी एवं उससे जुड़े हुए लोगों का मोबाइल लोकेशन सीडीआर टावर (डम) की लोकेशन की मदद लेकर जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर के मीडिया की सुर्खियों में बने रहते है।
दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल की साफ सुथरी ईमानदारी वाली छवि पर निचला स्टाफ जिस तरह से भट्ठा बैठा रहा है।ये दुर्ग पुलिस के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं है ये हम नहीं कह रहे की जब से दुर्ग जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पदभार ग्रहण किया है तब से लेकर आज तक तीन सौ से अधिक आरक्षक, प्रधान आरक्षक, एएसआई एवं थाने दारो को लगातार स्थानांतरण कर के विभागीय अनुशासन को मजबूत करने का काम किया है जो काबिले तारीफ भी है।लेकिन ऐसी क्या वजह है कि आज भी ऐसे आरक्षक, प्रधानआरक्षक, एएसआई जिनका थाना भी वही ओर घर भी वही और वर्षों से वह इन्हीं थानों व ACCU में या फिर नजदीक के आस पास के थाने में अपनी पदस्थापना करा कर अपनी ड्यूटी बजा रहे है।इससे यह स्पष्ट होता है कि जिले में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारियों से प्रभावशील ये सभी पुलिस वाले है जो अपने पसंदीदा थाने एवं अपने घर के नजदीक वाले थाने में ड्यूटी कर के अपनी लग्जरियस लाइफ स्टाइल को जी रहे है। किसी की व्यक्तिगत जिंदगी से हमारा कोई भी सर्वकार या वास्ता नहीं है,हम यह बताना चाहते है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी को अपनी गोपनीय टीम विश्वनीय थाने दारों से ये जानना बेहद जरूरी है कि पेट्रोलिंग में चल रहे इन पुलिस वालो का मार्केट प्रोफर्मेश आम जनता ओर अपराधी के बीच व इनका सूचना संकलन का तरीका कैसा है।लेकिन यहां देखने को ये मिल रहा है कि दुर्ग में बढ़ते अपराध एवं हत्या के मामले में जितनी मेहनत वरिष्ठ अधिकारी मामले निकाल करने में कर रहे है लेकिन उतनी मेहनत निचला स्टाफ नहीं कर पा रहा है।कई मामले में तो लोकल सेटिंग होने की वजह से घटना के बाद घटना स्थल से अपराधी रफूचक्कर हो जा रहा है।उसके पीछे भी इन पुलिस वालो का बड़ा हाथ है।
कम वेतन में तमाम पुलिस वाले महंगे शौक एवं चार पहिया वाहन का बेधड़क उपयोग अपनी ड्यूटी के दौरान कर रहे है इस पर भी वरिष्ट अधिकारियों को ध्यान व संज्ञान लेने की आवश्यकता है।
तत्कालीन एसपी जितेंद्र शुक्ला के समय गली मोहल्ले में अपराध एवं अपराधियों को पकड़ने के लिए मोटर सायकल पेट्रोलिंग व्यवस्था शुरू की गई थी लेकिन वह आज के समय कितनी कारगर है ये समझ से परे है।
जिन पुलिस वालो का घर व थाना क्षेत्र एक ही होने के कारण क्षेत्र के अपराधियों के साथ इनका तालमेल व रिश्ता गहरा हो जाता है कई मामलों में बेहतर क्ल्यु भी अपराध के मामले में इनी अपराधियों से फीटबैक मिलता है और पुलिस को बड़ी सफलता मिलती है लेकिन कई मामलों में अपराधियों को पनाह देने एवं भगाने में इन वर्षों से जमे हुए पुलिस वालो की भूमिका संदिग्ध नजर आती है लेकिन कई ऐसे होनहार जाबाज साहसी पुलिस वाले है जो कि दूर दराज थानों में है या फिर पुलिस लाइन की हवा खा रहे है ऐसे लोगों को भी थानों में पदस्थापना कर इन्हें भी मौका देना चाहिए ताकि ये अपनी बहादुरी अनुशासन एवं ईमानदारी का परिचय दे पाए ।
जो आरक्षक प्रधान आरक्षक एएसआई लंबे समय से थाने में जमे है उनकी राजनीतिक पहुंच पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समाने बौनी साबित हो रही है
कांग्रेस की सरकार में कांग्रेस के नेता इनके आका हुआ करते थे और आज दो वर्ष की सुशासन की सरकार में भाजपा सरकार में इनके आका बदला गए है लेकिन ये इनके भाजपा नेताओं के आकाओं की जी हजूरी कर अपनी ड्यूटी बखूबी बजा रहे है।
आने वाली तबादला सूची में वरिष्ठ अधिकारियों को चाहिए कि पुलिस मैन्युअल एक्ट के तहत कोई भी पुलिस वाला एक थाने में 3 वर्ष नहीं रह सकता एवं अन्य नियमों के तहत ऐसे पुलिस वालो को यदि शहर ग्रामीण एवं यातायात थाने में पोस्टेड करने में पुलिस विभाग की खराब हो रही छवि को सुधारा जा सकता है।
चुकी वर्ष 2025 अंतिम विदाई ले रहा है नया सबेरा नया युग नई सुबह वर्ष 2026 का आगाज होने वाला है तो उसमें बड़ा तोहफा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को देना चाहिए ।ताकि लंबे समय से जमे हुए इन पुलिस वालो पर शिकंजा कसा जा सके।।ओर विभाग के बड़े अधिकारियों की छवि व सरकार की छवि में कोई दाग ना लगे।।
पुलिस के वरिष्ठ अफसरों को चाहिए कि गलत गतिविधियों में शामिल पुलिस वालो के मोबाइल सीडीआर की भी जांच कर उन्हें विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करने का कार्य करना चाहिए ताकि छत्तीसगढ़ पुलिस की छवि और बेहतर हो सके सीएम श्री सायं ने हाल में हुई sp कान्फ्रेस में कहा था कि आम जनता में पुलिस के प्रति बेहद विश्वाश जागना चाहिए और अपराधियों में पुलिस का खौफ दिखना चाहिए।ऐसा करने से सरकार की छवि और अच्छी होगी।