March 6, 2026

दुनिया भर में हाहाकार! एयरबस ने 6000 विमानों को बुलाया वापस, भारत में भी उड़ानों पर भारी असर…

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विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने ए320-सीरीज के 6000 विमानों को वापस बुलाने का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा कि इन विमानों के सॉफ्टवेयर में गंभीर गड़बड़ी पाई गई है, जिसे तुरंत ठीक करना जरूरी है। इस वजह से भारत समेत दुनिया भर की बड़ी एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित हो रही हैं।

दुनिया की सबसे बड़ी विमान निर्माता कंपनियों में से एक यूरोपीय दिग्गज एयरबस ने अपने A320-सीरीज के 6000 विमानों को वापस बुलाने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी का कहना है कि इन विमानों के सॉफ्टवेयर में गंभीर समस्या पाई गई है, जो फ्लाइट कंट्रोल जैसे सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। इस कदम के बाद भारत समेत दुनिया भर की एयरलाइंस की उड़ानों में देरी और रद्द होने की संभावना पैदा हो गई है।

एयरबस के मुताबिक हाल ही में A320-फैमिली के एक विमान में हुए हादसे में पता चला कि अंतरिक्ष से आने वाली इंटेंस सोलर रेडिएशन फ्लाइट कंट्रोल डेटा को प्रभावित कर सकती है। यह समस्या विमान के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में गड़बड़ी पैदा कर सकती है, जिससे उड़ान संचालन जोखिम भरा हो सकता है। 30 अक्टूबर को मैक्सिको से अमेरिका जा रहे एक विमान ने फ्लोरिडा के टैम्पा में एमरजेंसी लैंडिंग की थी, यह समस्या उसी घटना के बाद सामने आई।

DGCA का एयरलाइन्स को निर्देश

डीजीसीए ने भारतीय एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि जब तक EASA के अधिसूचित संशोधन लागू नहीं हो जाते, A320 विमानों को उड़ान भरने की अनुमति न दी जाए। डीजीसीए ने सभी प्रचालकों से कहा है कि वे संबंधित विमानों के निरीक्षण और सॉफ्टवेयर अपडेट की प्रक्रिया पूरी करें और यात्रियों को होने वाली असुविधा की तैयारी रखें।

दुनियाभर में दिक्कत बढ़ी

अमेरिकी एयरलाइंस, अमेरिकन एयरलाइंस ने बताया कि उनके 340 A320 विमानों को अपडेट की आवश्यकता है और उम्मीद है कि शनिवार तक ज्यादातर काम पूरा हो जाएगा। जर्मनी की लुफ्थांसा ने भी कुछ उड़ानों के रद्द होने और देरी की चेतावनी दी है। वहीं, कोलंबिया की एवियांका ने 8 दिसंबर तक टिकट बिक्री रोक दी है, क्योंकि उसके 70% से अधिक विमान प्रभावित हुए हैं। विज एयर, एयर फ्रांस, एयर न्यूजीलैंड, एयर इंडिया, वोलारिस और अन्य एयरलाइंस ने भी अपनी उड़ानों में देरी या रद्द होने की जानकारी दी है। एयरबस ने अपने बयान में कहा कि यह कदम यात्रियों और एयरलाइंस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। सभी प्रभावित विमानों को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए कंपनी ने विशेष टीमों को तैनात किया है।