March 6, 2026

UP में कैबिनेट विस्तार की अटकलों के बीच PM मोदी से मिले CM योगी…

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और 2027 के चुनाव रोडमैप को लेकर चर्चाएं गर्म हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार, 5 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अहम दौरे पर पहुंचे हैं. वे सुबह करीब 11:30 बजे दिल्ली पहुंचे और सीधे प्रधानमंत्री आवास पर पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. यह मीटिंग करीब एक घंटे तक चली, जिसमें उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल विस्तार, विकास योजनाओं की प्रगति और आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की रणनीति पर गहन मंथन हुआ.

मुख्यमंत्री योगी आज शाम बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात करने वाले हैं. इस दौरे को राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर प्रदेश बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में बड़े फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं.

योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राम मंदिर की ही रेप्लिका भेंट की, जो गुलाबी मीनाकारी कला से बनी हुई है. ये पूरा चांदी का बना है. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुलाकात की जानकारी शेयर की है.

गृह मंत्री अमित शाह के तमिलनाडु दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री योगी की उनसे भी मुलाकात संभावित है.

मंत्रिमंडल विस्तार और चुनावी मंथन

प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के बीच हुई एक घंटे की लंबी मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में दावों का बाजार गर्म है. सूत्रों के मुताबिक, खरमास खत्म होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में नए मंत्रियों को शामिल करने और कुछ मंत्रियों की छुट्टी करने पर सहमति बन सकती है. प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पंकज चौधरी की नियुक्ति के बाद पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी की कैबिनेट में वापसी की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई.

बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज दोपहर 3:30 बजे बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे और इससे पहले पार्टी के नए कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ भी रणनीतिक चर्चा करेंगे. इन बैठकों का मुख्य एजेंडा उत्तर प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और आगामी चुनावों के लिए बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करना है. दिल्ली में हो रही इन बैठकों से लखनऊ की सियासत में सरगर्मी महसूस की जा रही है.

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