पार्षद वशिष्ठ को नमन आंखों से शहर वासियों ने दी श्रद्धांजलि..
- पूर्व सीएम भूपेश, सांसद विजय, विधायक देवेंद्र, रिकेश,इंद्रजीत सहित शहर के गणमान्य लोग उमड़े
- पांच बार निर्दलीय पार्षद रहे वरिष्ठ पार्षद का निधन, जनसेवा और जनहित के मुद्दों को सदन तक पहुंचाने में रही अहम भूमिका
भिलाई। भिलाई नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद और प्रखर जनप्रतिनिधि स्व. वशिष्ठ नारायण मिश्रा का 26 अगस्त को 56 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।
आज उनका अंतिम संस्कार उनके निवास सेक्टर 2 से निकलकर रामनगर मुक्तिधाम में दोपहर 12 बजे किया पहुंचा वहां पहुंच कर उनको मुख्य अग्नि उनके बड़े भाई ने दी।
उनके निधन से भिलाई के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। वे लगातार पांच बार निर्दलीय पार्षद के रूप में निर्वाचित हुए और लंबे समय तक आम जनता की आवाज को सदन तक पहुंचाते रहे।
स्व. मिश्रा को भिलाई के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों की गहरी समझ के लिए जाना जाता था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं के साथ-साथ भिलाई के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी उनके निधन पर रामनगर मुक्तिधाम में पहुंचकर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वशिष्ठ नारायण मिश्रा भिलाई के लोगो के लिए संघर्ष करते थे लड़ते थे उनका जाना अपूर्णीय क्षति है। संघर्ष शील थे युवा कांग्रेस के साथी थे बेबाक बोलने वाले थे उनके अन्दर जो सच बोलने का साहस वो कूट कूट के भरा था वो भिलाई के लिए लड़ते थे उन्होंने जीवन भर संघर्ष किया हार नहीं मानी।
भिलाई नगर युवा विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि वशिष्ठ नारायण मिश्रा संघर्ष के परिकाष्ठा थे। युवा राजनीतिक जो युवा नेता है उनसे सीखते थे वो चुंबकीय पर्सनालिटी थे जब में पहली बार महापौर बना तो उन्होंने कहा था निगम काजल की कोठरी है सबसे पहले ठेकेदार ही सब से पहले महापौर को घेरता है तुमको इस निगम से बेदाक होकर निकलना है ।भारत जोड़ो यात्रा का भी मैने उनसे जिक्र किया कि में भिलाई छोडूं की नहीं छोड़ूं भिलाई कही नहीं जा रहा है तुम देश दुनिया घूमो और समझो। फिर में भारत जोड़ो यात्रा शुरू किया ।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि कर्मठ एवं संघर्ष शील पार्षद थे। और उनके पास ज्ञान का भंडार था सरकार एवं अफसरों को उनकी कही हुई बातों को सुनना एवं समझना पड़ता था वो ज्ञान के धनी व्यक्ति थे ।
पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि वशिष्ठ नारायण मिश्रा दमदार एवं बेदाक पार्षद थे युवा कांग्रेस के साथी थे कांग्रेस को समर्थन करते थे लेकिन निर्दलीय चुनाव लड़ते थे मुझे आज भी याद है कि वर्ष 98 में चुनाव लड़ रहा था तो मैने उनसे मदद मांगी तो उन्हानें कहा कि मेरा पूरा समर्थन आप के साथ है।
युवा भाजपा नेता मनीष ने कहा कि नगर निगम के वो 5 बार के वो जनप्रतिनिधि थे 24 घंटे 365 दिन जनता के लिए वो उपलब्ध रहते थे। बीएसपी हो या निगम हो सारे मुद्दे को बेबाकी से उठाते थे।HSCLT की मशाल रैली में वशिष्ठ नारायण का बड़ा योगदान था। आज हमने एक अच्छा जनप्रतिनिधि खो दिया।
सर्व समाज कल्याण समिति अध्यक्ष युवा ट्रांसपोर्टर इंद्रजीत सिंह (छोटू) ने कहा कि पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्रा ऐसे व्यक्ति थे जो हर व्यक्ति के मदद के लिए तत्पर रहते थे ।उनका प्यार व्यवहार हमेशा बड़े भाई के जैसे हमेशा मिला और उनका मार्गदर्शन भी हमे मिलता रहता था।वो हमारे पारवारिक सदस्य थे।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन कहा कि सन 2000 में जब पार्षद बना तो मेरी मुलाकात वरिष्ठ नारायण मिश्रा से हुई जिन्हें में अपना राजनीतिक गुरु मानता हु में विधायक साथ साथ आज भी पार्षद हु वशिष्ठ नारायण मिश्रा भी पांच बार के पार्षद थे में भी पांच बार का पार्षद हु।
उस जमाने न मेरे पास न गाड़ी थी न वशिष्ठ नारायण भइया के पास गाड़ी थी फिर हमने लूना और हीरो पुक की उसके बाद हमने सुजकी मोटर बाइक की जिसकी किस्त हम दोनों निगम के मानदेय से हम दोनों किस्त पटाते थे।में बीच बीच में उनसे मिलता था और वेंटिलेटर एंबुलेस मेरे द्वारा दो दो शहर में ला दी है तो उन्होंने कहा कि तूने बड़ा काम कर दिया है।
पांच बार जनता ने चुना अपना प्रतिनिधि
लगातार पांच बार निर्दलीय पार्षद चुने जाना स्व. वशिष्ठ नारायण मिश्रा की जनस्वीकृति को दर्शाता है। उन्होंने राजनीतिक दल की सीमाओं से अलग रहकर क्षेत्र की जनता के मुद्दों को प्राथमिकता दी और आम लोगों के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाई।
उनके निधन को भिलाई की राजनीति और जनसेवा के क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके सहयोगियों और शुभचिंतकों का कहना है कि जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और सरल व्यवहार लंबे समय तक याद किया जाएगा।
इस अवसर पर उन्हें रामनगर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार में श्रद्धांजलि देने वालों में प्रमुख रूप से रिटायर्ड पुलिस अफसर आरके जोशी,सचिनदेव शुक्ला,यूबीएस चौहान,डीएसपी संजय सिंह,रिटायर्ड SDM अनिल कुमार भाजपाई,समाज सेवी गोपाल खंडेलवाल,शिक्षाविद आईपी मिश्रा,केके झा,संतोष राय,संजय ओझा, भिलाई कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर,समाज सेवी तपन सरकार,धर्मेंद्र यादव ,संदीप निरंकारी,अतुलचंद साहू,सुनील चौधरी,नरसिंह नाथ,लालचंद वर्मा ,महेश वर्मा,विनोद सिंह,ज्ञानचंद जैन, एनके बंछोर, हरविन्द्र सिंह,प्रभुनाथ मिश्रा,मंगल सिंह, एस बाला,रज्जन शाहिद अहमद,रज्जन अकिल खान,आदित्य सिंह,अभिषेक मिश्रा,दया सिंह,सोमनाथन,काली राय,हरीश सिंह,महेश जायसवाल, डॉक्टर अरुण मिश्रा,प्रताप कुमार बिट्टू,वीरेंद्र यादव,साकेत चंद्राकर,सौरभ दत्ता,अप्पा राव,पुरुषोत्तम देवांगन गणमान्य लोग शामिल थें।





